भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 -Short Note
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 का विभागीय (section-wise) सारांश दिया गया है, जिसमें प्रत्येक अनुभाग को निम्नलिखित दृष्टिकोणों के अनुसार संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है: 📝 1. Short Note Approach (संक्षिप्त सार) हर सेक्शन की एक लाइन या पैराग्राफ में व्याख्या, ताकि तेज़ी से दोहराया जा सके। ⏳ 2. Time-Based Sections (समय आधारित धाराएं) वे धाराएं जो समय के तत्व पर आधारित होती हैं, जैसे साक्ष्य की समयबद्ध प्रस्तुति या समय सीमा के भीतर प्रमाण देना। 📜 3. Principle-Based (सिद्धांत आधारित) उन धाराओं का उल्लेख जो भारतीय साक्ष्य कानून के मूल सिद्धांतों को परिभाषित करती हैं, जैसे साक्ष्य की स्वीकार्यता, प्रासंगिकता, आदि। ⚖️ 4. Exception-Based (अपवाद आधारित) धाराएं जो सामान्य नियमों से अपवाद प्रस्तुत करती हैं, जैसे hearsay evidence का अपवाद, privileged communication आदि। 🧩 5. Scenario-Based (परिस्थिति आधारित) व्यवहारिक उदाहरणों पर आधारित धाराएं – जैसे कोई गवाह मर गया हो, दस्तावेज़ गुम हो गया हो, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की स्थिति इत्यादि। 📑 6. Procedural-Based (प्रक्रियात्मक आध...