भारतीय न्याय संहिता, 2023 – मॉक टेस्ट (प्रश्न 16–50)- PART-2
भारतीय न्याय संहिता, 2023 – मॉक टेस्ट (प्रश्न 16–50)
🔹 भाग 5: शरीर संबंधी अपराध (धारा 151–200)
-
स्वेच्छा से किसी को गंभीर चोट पहुँचाने पर कौन-सी धारा लागू होती है?
a) धारा 121
b) धारा 130
c) धारा 116
d) धारा 117
✅ उत्तर: d -
मृत्यु कारित करने का इरादा होने पर भी यदि मृत्यु न हो, तो कौन-सी धारा लागू होती है?
a) धारा 105
b) धारा 110
c) धारा 115
d) धारा 111
✅ उत्तर: c -
यदि बलात्कार के दौरान पीड़िता की मृत्यु हो जाती है, तो सजा होगी —
a) आजीवन कारावास
b) मृत्यु दंड या आजीवन कारावास
c) 10 वर्ष कारावास
d) 7 वर्ष कारावास
✅ उत्तर: b
🔹 भाग 6: संपत्ति के विरुद्ध अपराध (धारा 201–270)
-
चोरी की परिभाषा किस धारा में दी गई है?
a) धारा 301
b) धारा 304
c) धारा 303
d) धारा 302
✅ उत्तर: c -
डकैती की परिभाषा किस धारा में है?
a) धारा 310
b) धारा 315
c) धारा 312
d) धारा 320
✅ उत्तर: a -
जब चोरी करते समय जानबूझकर जान को हानि पहुँचाई जाए, तो वह अपराध कहलाता है —
a) सामान्य चोरी
b) लूट
c) डकैती
d) हिंसक चोरी
✅ उत्तर: b -
जब पांच या अधिक व्यक्ति मिलकर लूट करें, वह कहलाता है —
a) अपहरण
b) सामूहिक लूट
c) डकैती
✅ उत्तर: c
🔹 भाग 7: महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध
-
स्त्री की मर्यादा भंग करना कौन-सा अपराध है?
a) बलात्कार
b) यौन उत्पीड़न
c) शील भंग
✅ उत्तर: c -
महिला की सहमति से उसके साथ यौन संबंध बनाया गया, परंतु वह नाबालिग थी —
a) यह अपराध नहीं है
b) बलात्कार माना जाएगा
✅ उत्तर: b -
किसी महिला का पीछा करना बार-बार —
a) सामान्य छेड़छाड़
b) Stalking (पीछा करना)
✅ उत्तर: b
🔹 भाग 8: जालसाजी, धोखाधड़ी व साइबर अपराध
-
जाली दस्तावेज बनाना किस धारा के तहत दंडनीय है?
a) धारा 351
b) धारा 355
c) धारा 360
✅ उत्तर: a -
पहचान की चोरी और साइबर धोखाधड़ी —
a) साइबर अपराध की श्रेणी में आते हैं
✅ उत्तर: a -
अगर कोई फर्जी दस्तावेज अदालत में पेश करता है —
a) वह न्याय में बाधा है
b) वह दंडनीय है
✅ उत्तर: b
🔹 भाग 9: राज्य के विरुद्ध अपराध व सार्वजनिक व्यवस्था
-
राजद्रोह को नई संहिता में कैसे कवर किया गया है?
a) इसे हटाया गया
b) "राज्य के खिलाफ युद्ध" के रूप में शामिल किया गया
✅ उत्तर: b -
“आतंकवादी कृत्य” से संबंधित अपराधों को कौन-सी धारा कवर करती है?
a) धारा 151
b) विशेष अधिनियम
✅ उत्तर: b (UAPA जैसे अधिनियम)
🔹 भाग 10: न्यायिक प्रक्रिया में अपराध (धारा 361–390)
-
न्यायालय को झूठी सूचना देना —
a) अपराध नहीं है
b) आपराधिक अपराध है
✅ उत्तर: b -
सबूत को नष्ट करना —
a) सामान्य अपराध है
b) न्यायिक प्रक्रिया में बाधा है
✅ उत्तर: b -
FIR दर्ज कराने के झूठे प्रयास —
a) धारा 362
✅ उत्तर: a
🔹 सीनारियो आधारित प्रश्न (34–45)
-
यदि एक व्यक्ति किसी महिला के मोबाइल में बिना अनुमति के फोटो लेता है —
a) सामान्य छेड़छाड़
b) यौन उत्पीड़न
✅ उत्तर: b -
A ने B को थप्पड़ मारा, जिससे हल्की चोट आई —
a) सामान्य मारपीट
✅ उत्तर: a -
A, B के घर में चोरी करने गया लेकिन पकड़ा गया —
a) प्रयास से अपराध बनता है
✅ उत्तर: a -
C ने सरकारी दस्तावेज़ में हेरफेर की —
a) जालसाजी
✅ उत्तर: a -
P ने भीड़ को भड़काने का प्रयास किया —
a) सार्वजनिक शांति भंग
✅ उत्तर: a -
D ने WhatsApp पर एक महिला को आपत्तिजनक संदेश भेजे —
a) साइबर यौन उत्पीड़न
✅ उत्तर: a -
किसी गवाह को बयान बदलने के लिए रिश्वत दी गई —
a) न्याय में बाधा
✅ उत्तर: a -
पत्नी के साथ बार-बार मारपीट —
a) घरेलू हिंसा
✅ उत्तर: a -
10 वर्ष की लड़की से सहमति से संबंध —
a) बलात्कार
✅ उत्तर: a
🔹 तेज़ रिविजन – अंतिम प्रश्न (43–50)
-
नई संहिता में कुल कितनी धाराएँ हैं?
✅ उत्तर: 358 -
न्यायालय किस धारा के अंतर्गत दोष साबित होने पर सजा तय करता है?
✅ उत्तर: संहिता के दंड वाले प्रावधानों के अनुसार -
संज्ञेय अपराधों की सूची कहाँ दी गई है?
✅ उत्तर: अनुसूचियों में -
नई संहिता में मृत्यु दंड किन अपराधों में है?
✅ उत्तर: हत्या, रेप+हत्या, आतंकवाद -
“कमीशन द्वारा अपराध” किसे कहा जाता है?
✅ उत्तर: जब कोई कार्य करके अपराध होता है -
“उपवंचना द्वारा संपत्ति प्राप्त करना” —
✅ उत्तर: धोखाधड़ी -
एक ही अपराध के लिए कितनी बार सजा दी जा सकती है?
✅ उत्तर: एक बार (Double Jeopardy वर्जित) -
नई संहिता कब से लागू है?
✅ उत्तर: 1 जुलाई, 2024 से (निर्धारित)
Comments
Post a Comment